विकसित भारत के लिए एआई-आधारित कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यमिता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित
इस सत्र में विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर स्वागत संबोधन Siddharth Chaturvedi, कार्यकारी उपाध्यक्ष, AISECT एवं कुलाधिपति, Scope Global Skills University, भोपाल तथा Santosh Choubey, अध्यक्ष, AISECT एवं कुलाधिपति, Rabindranath Tagore University, भोपाल द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल Mangubhai Patel की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके पश्चात मुख्य अतिथि Rao Uday Pratap Singh, मंत्री – स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा संबोधन दिया गया।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 | विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन
साहित्य, कला और संस्कृति के इस महोत्सव में
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर
हिंदी साहित्य की नई और सशक्त आवाज़ों के साथ
एक गरिमामय साहित्यिक संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर
ग़ज़लकार–कथाकार श्री ज्ञान प्रकाश विवेक,
वरिष्ठ कवि, संपादक एवं कथाकार श्री लीलाधर मंडलोई,
श्री वशिष्ठ अनूप, श्री राजीव गोयल,
श्री अशोक मित्र,
कवि–संपादक श्री मोहन सगोरिया,
श्री विमल कुमार
तथा आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महीप निगम
की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यहाँ रचनाकारों की महत्वपूर्ण कृतियों पर
विचारों का जीवंत, सार्थक और प्रेरक संवाद देखने को मिला।
✨ जहाँ शब्द संस्कृति बनते हैं...
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संतोष चौबे अति विसिष्ट साहित्य विभूषण सम्मान से सम्मानित
संतोष चौबे अति विसिष्ट साहित्य विभूषण सम्मान से सम्मानित ...
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पुस्तक लोकार्पण समारोह*अनकही', 'आसपास', 'सदगुरु कबीर और मानवता' पुस्तकें हुई लोकार्पित* *किताबें हमें विचारशील बनाती हैं–संतोष चौबे*
दिमाग को क्रियाशील बनाए रखने के लिए किताबें पढ़ना बहुत आवश्यक है। वर्तमान समय में बाजार ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से हमारी एकाग्रता को पूरी तरह से भंग कर हमारे दिमाग को गुलाम बना लिया है। अब बाजार अपने तरीकों से हमें संचालित कर रहा है। आज हम एक बड़े ग्लोबल बाजार से घिरे हुए हैं। ऐसे में हमारे जीवन में किताबों का महत्व और अधिक हो जाता है। किताबें हमें गुलामी के विरुद्ध खड़े होने की समझ और संबल प्रदान करती हैं। हमें विचारशील बनाती हैं। हमारे संस्थान में आईटी का मतलब लोगों को इम्पावर करना हैं, जबकि बाजार में आईटी का मतलब लोगों को नियंत्रित करना है। टेक्नोलॉजी के पुरोधा एलन मस्क और बिल गेट्स ने भी अपने–अपने साक्षात्कारों में इस बात को रेखांकित किया है कि वे तमाम व्यस्तताओं के बावजूद माह में तीन–चार किताबें जरूर पढ़ते हैं।'
पुस्तकों के महत्व पर यह महत्वपूर्ण उद्गार श्री संतोष चौबे, वरिष्ठ कवि-कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं कुलाधिपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा *श्री नरेश बाथम के ग़ज़ल संग्रह 'अनकही', श्रीमती मनोरमा पंत के लघुकथा संग्रह 'आसपास', एवं डॉ. मालती बसंत की शोध पुस्तक 'सदगुरु कबीर और मानवता' के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए।आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ एवं स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल का यह प्रतिष्ठा आयोजन 'शारदा सभागार' स्कोप कैम्पस, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल में समारोह पूर्वक किया गया।
श्री संतोष चौबे ने लोकार्पित पुस्तकों में सर्वप्रथम रचनाकार श्री नरेश बाथम के ग़ज़ल, नज़्म, गीत संग्रह 'अनकही' पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नरेश बाथम ने बहुत अच्छी ग़ज़लें लिखीं हैं। भोपाल ग़ज़लों...
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आईसेक्ट पब्लिकेशन और वनमाली सृजन पीठ का प्रतिष्ठा आयोजन मनोरमा श्रीवास्तव की 6 पुस्तकें हुई लोकार्पित
भाषा और कथ्य की दृष्टि से महिला लेखिकाएँ लीड ले रही हैं–संतोष चौबे
वरिष्ठ लेखिका मनोरमा श्रीवास्तव के 6 उपन्यास– 'कजरारे', 'यह दुनिया अगर मिल भी जाए', 'सौ बार जन्म लेंगे', 'तेरी खुशबू में बसे खत', 'सागर मिले कौन से जल में', 'तुम भी सपने बुनो ना' का लोकार्पण समारोह पूर्वक आईसेक्ट पब्लिकेशन और वनमाली सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उल्लेखनीय है कि लोकार्पित सभी 6 पुस्तकों का आकर्षण कलेवर के साथ उत्कृष्ट प्रकाशन आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा किया गया।
लोकार्पण समारोह श्री संतोष चौबे, कुलाधिपति रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं निदेशक विश्व रंग की अध्यक्षता और श्री मुकेश वर्मा, वरिष्ठ कथाकार एवं अध्यक्ष वनमली सृजन पीठ, भोपाल के मुख्य आतिथ्य में दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल के राज सदन में आयोजित किया गया।
श्री संतोष चौबे ने इस अवसर पर कहा कि अच्छे उपन्यास की खाशियत यह होती है कि वह प्रश्नों के जवाबों को गहराई से तलाशता है। मनोरमा जी अपने उपन्यासों में प्रेम के विभिन्न पक्षों की गहराई से तलाश करती हैं। उनके सभी उपन्यास प्रेम की व्यक्तिगत और सामाजिक अभिव्यक्ति है। सभी उपन्यासों का अंत सुखांत है।
श्री संतोष चौबे ने वर्तमान समय में महिला लेखिकाओं के रचनाकर्म को रेखांकित करते हुए कहा कि आज सबसे ज्यादा अभिव्यक्ति की जरूरत हाशिये के लोगों और विशेषकर महिलाओं को हैं। वर्तमान समय में महिला लेखिकाओं ने रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति शिद्दत से दर्ज कराई है। भाषा और कथ्य की दृष्टि से महिला लेखिकाएँ लीड ले रही हैं। ...
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कार्यक्रम का सफल संचालन श्री महीप निगम, वरिष्ठ प्रबंधक, आईसेक्ट पब्लिकेशन (मार्केटिंग) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकारों श्री रामराव वामनकर, डॉ. जवाहर कर्नावट, श्री विनय उपाध्याय, श्रीमती मनोरमा पंत, श्री पुरुषोत्तम तिवारी, श्री सुरेश पटवा, करुणा राजुरकर जी, डॉ. विशाखा राजुरकर, डॉ. मौसमी परिहार, श्री ओम प्रकाश खुराना, डॉ. कुमकुम गुप्ता, डॉ. राम वल्लभ आचार्य, श्री आर.एस. ब्रजपुरिया, श्री सुनील सेन, श्री प्रशांत सोनी, श्री मनीष श्रीवास्तव, डॉ. अनुपमा वंदना, डॉ. अरुण पांडेय, डॉ. शालिनी श्रोत्रिय, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. दीपक तिवारी, डॉ. राजेन्द्र मेवाड़ा, डॉ. के.के. शर्मा, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. रामसिया, डॉ. पूनम मटकर, डॉ. आयुषी शर्मा, डॉ. सुनीता पानकर, डॉ. नितेश पटेल, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय के प्रध्यापकगण सहित साहित्यप्रेमियों ने रचनात्मक भागीदारी की।
आभार विश्व रंग फाउंडेशन के सचिव संजय सिंह राठौर द्वारा व्यक्त किया गया...
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राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान 2026
के गरिमामय मंच पर सम्मानित रचनाकारों को सम्मान प्रदान किया गया। ✨ यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि शब्दों, संवेदनाओं और सृजनशीलता को मिला सच्चा सम्मान है। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) के इस साहित्यिक उत्सव में रचनाधर्मिता की उजली परंपरा और भी सशक्त हुई...
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राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान 2026 में सम्मानित सभी रचनाकारों को हार्दिक अभिनंदन।
यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि शब्दों की साधना, सृजन की तपस्या और साहित्य की जीवंत परंपरा का सम्मान है।
आपकी लेखनी ने समाज को दिशा दी है, संवेदनाओं को स्वर दिया है और विचारों को नई ऊर्जा प्रदान की है।
आइए, हम सभी इन सृजनधर्मियों के योगदान का उत्सव मनाएँ और साहित्य की इस उज्ज्वल परंपरा को आगे बढ़ाएँ।
सृजन को नमन, शब्दों को प्रणाम।...
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विश्व रंग भोपाल 2025 में आज रवीन्द्र भवन परिसर मुख्य प्रदर्शनी के भव्य आयोजन
विश्व रंग भोपाल 2025 में आज रवीन्द्र भवन परिसर मुख्य प्रदर्शनी के भव्य आयोजन से जीवंत हो उठा। प्रदर्शनी में वनमाली पत्रिका, रंग संवाद, बुक एग्ज़िबिशन, एआई एग्ज़िबिशन, ड्रोन टेक डिस्प्ले, भारतीय व्यंजनों के फूड स्टॉल और पुस्तकों से सजे पुस्तक मेला के कई स्टॉल ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कलात्मक कृतियों और विविध प्रदर्शनों ने पूरे वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में प्रसिद्ध चित्रकार अफ़ज़ल पर केंद्रित मोनोग्राफ का विधिवत लोकार्पण सम्पन्न हुआ।
इस महत्वपूर्ण कृति के लेखक महावीर वर्मा हैं। अफ़ज़ल की दीर्घ कला–यात्रा, विशिष्ट रंग–संवेदना और सृजनात्मक दृष्टि को सहेजता यह मोनोग्राफ समकालीन भारतीय कला के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में कला–प्रेमियों और पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हुआ।...
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विश्व पुस्तक मेला–2026, नई दिल्ली में
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर विश्वरंग के अंतर्गत कला, साहित्य और विज्ञान को समर्पित पत्रिका ‘इलोक्ट्रोनिकी आपके लिए’ तथा ‘वनमाली कथा’ के विशेष अंक पाठकों के लिए विशेष रियायती मूल्यों पर उपलब्ध कराए गए।
मेले में आए साहित्यप्रेमियों और पाठकों ने इन पत्रिकाओं को उत्साहपूर्वक हाथों–हाथ लिया। यह पहल ज्ञान, रचनात्मकता और पुस्तक संस्कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने का एक सशक्त और सराहनीय प्रयास सिद्ध हुई।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में ‘धरती के छन्द गाती आवाज़
मालिनी अवस्थी’ संवादकर्ता : विनय उपाध्याय एवं अनुलता राज नायर। पुस्तक का लोकार्पण एवं संवाद सम्पन्न हुआ। लोकसंगीत, लोकसंवेदना और सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति को सामने लाती यह कृति सांस्कृतिक यात्रा को शब्दों में सहेजती है। यह सत्र साहित्य, संगीत और लोकचेतना के सुंदर संगम के रूप में स्मरणीय रहा।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर
‘विश्व में हिन्दी : सत्तर देशों में हिन्दी का परिदृश्य’ के प्रधान संपादक डॉ. संतोष चौबे ने स्वयं पुस्तक पर हस्ताक्षर कर पाठकों को भेंट की।
यह क्षण हिन्दी के वैश्विक विस्तार के साथ लेखकीय–पाठकीय संवाद का सजीव और प्रेरक उदाहरण बना। विश्व के विभिन्न देशों में हिन्दी की सशक्त उपस्थिति को रेखांकित करती यह महत्वपूर्ण कृति पाठकों और साहित्यप्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर तीसरी ऑडियो बुक का विधिवत विमोचन सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि–कथाकार संतोष चौबे की चर्चित कृतियाँ—
‘प्रतिनिधि कहानियाँ’, ‘दस कहानियाँ’ एवं ‘राग केदार’—को ऑडियो स्वरूप में प्रस्तुत किया गया।
यह विमोचन साहित्य को श्रव्य माध्यम के जरिए व्यापक पाठक–श्रोता वर्ग तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में ‘लोक का आलोक’ पुस्तक का विधिवत लोकार्पण सम्पन्न हुआ।
इस महत्वपूर्ण कृति का संपादन वरिष्ठ लेखक–संपादक विनय उपाध्याय द्वारा किया गया है।
लोक संस्कृति, लोक चेतना और परंपरागत ज्ञान की उज्ज्वल परंपरा को रेखांकित करती यह पुस्तक पाठकों एवं साहित्यप्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 | नई दिल्ली विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर आयोजित ‘लेखक से मिलिए’ सत्र में
वरिष्ठ लेखक–संपादक विनय उपाध्याय की चर्चित कृति ‘सफ़ह पर आवाज़’ साहित्य और कला की बहुमान्य विभूतियों के साथ संवाद का अवसर बनी। इस खास मौके पर भारतीय सेना के जवानों ने पुस्तक को लेखक से स्वयं प्राप्त किया। यह क्षण साहित्य, संवेदना और राष्ट्रसेवा के आदर्श संगम का जीवंत प्रतीक बन गया।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर “विज्ञान यात्रा एवं विज्ञान गीत” ऑडियो बुक का विधिवत विमोचन सम्पन्न हुआ।
विज्ञान को सरल, रोचक और जन–जन तक पहुँचाने की इस अभिनव पहल के अंतर्गत तैयार यह ऑडियो बुक श्रृंखला अब विश्व रंग ऐप पर सभी के लिए उपलब्ध है।
यह प्रयास विज्ञान, शिक्षा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच एक सशक्त सेतु बनाते हुए सुनने के माध्यम से सीखने की नई दिशा प्रस्तुत करता है।...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली 2026
नेशनल बुक ट्रस्ट के लेखक मंच पर, विश्वरंग आईसेक्ट प्रकाशन की पत्रिकाओं के संदर्भ में “पुस्तक संस्कृति के निर्माण में पत्रिकाओं की भूमिका” विषय पर साहित्य, विचार और विमर्श का प्रेरक एवं सार्थक संगम हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति की गरिमामय उपस्थिति ने विमर्श को वैचारिक गहराई और सांस्कृतिक अर्थवत्ता प्रदान की।...
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विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली
विश्वरंग - आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर फेडरेशन ऑफ इण्डियन पब्लिशर्स के चेयरमैन श्री रमेश मित्तल जी ने आईसेक्ट चैयरमैन श्री संतोष चौबे जी से मुलाकात की। श्री संतोष चौबे ने अपनी नवप्रकाशित पुस्तक गरीबनवाज श्री मित्तल को भेंट की...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर वरिष्ठ कवि–साहित्यकार श्री संतोष चौबे ने मीडिया से संवाद करते हुए समकालीन साहित्य, भाषा और संस्कृति से जुड़े विविध सरोकारों पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर उन्होंने हिंदी के वैश्विक विस्तार, पुस्तक संस्कृति की समकालीन भूमिका तथा रचनात्मक जिम्मेदारियों पर सार्थक और विचारोत्तेजक चर्चा की। उनकी सशक्त उपस्थिति और विचारों ने मीडिया एवं जनसंचार कवरेज को विशेष अर्थवत्ता प्रदान की और स्टॉल को विचार-विमर्श के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित किया...
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श्व पुस्तक मेला 2026, नई दिल्ली विश्वरंग–आईसेक्ट प्रकाशन के साहित्यिक मंच पर
‘गांधी की प्रासंगिकता’ पुस्तक का विधिवत एवं गरिमामय लोकार्पण सम्पन्न हुआ।
इस महत्वपूर्ण कृति का संपादन एवं लेखन वरिष्ठ कवि-साहित्यकार श्री संतोष चौबे एवं श्री लीलाधर मंडलोई द्वारा किया गया है।
लोकार्पण अवसर पर अनेक वरिष्ठ लेखक, कवि एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
समकालीन परिप्रेक्ष्य में महात्मा गांधी के विचारों, मूल्यों और मानवीय दृष्टि को नए सिरे से समझने का यह सशक्त प्रयास पाठकों और विद्वानों के बीच गहन विमर्श का केंद्र बना।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026, नई दिल्ली में हिंदी साहित्य के वरिष्ठ कवि-कथाकार संतोष चौबे की बहुचर्चित कृति ‘गरीबनवाज़’
लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पाठकों और साहित्य प्रेमियों ने लेखक से आत्मीय संवाद किया और पुस्तक पर हस्ताक्षरित प्रतियाँ प्राप्त कीं। मानवीय संवेदना, स्मृति और जीवन के सूक्ष्म अनुभवों को अभिव्यक्त करती यह कृति गहन चर्चा का केंद्र रही।
आईसेक्ट प्रकाशन एवं विश्वरंग के साहित्यिक मंच ने शब्दों, विचारों और पाठकीय जुड़ाव को एक सार्थक दिशा दी।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 में साहित्य की नई ध्वनि— विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन की ऑडियो बुक सीरीज़ का भव्य विमोचन सम्पन्न हुआ।
ह अवसर शब्दों को मिली स्वर–संवेदना का उत्सव बना, जहाँ साहित्य ने आवाज़ के माध्यम से पाठकों–श्रोताओं से नया संवाद स्थापित किया।
हिंदी साहित्य के विस्तार और नई पीढ़ी तक पहुँच की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 | साहित्य का जीवंत उत्सव
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर—वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में रचनात्मक संवाद, विचारों का आदान-प्रदान और पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान-संस्कृति का उत्सव।
यह क्षण हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और उसके वैश्विक विस्तार का साक्षी बना।...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 | साहित्य का जीवंत उत्सव
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर—वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में रचनात्मक संवाद, विचारों का आदान-प्रदान और पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान-संस्कृति का उत्सव।
यह क्षण हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और उसके वैश्विक विस्तार का साक्षी बना।...
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साहित्यिक संवाद का सुंदर क्षण | विश्व पुस्तक मेला 2026
विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर
अनुवादक श्री खुर्शीद आलम का आगमन
साहित्यिक ऊर्जा और विचारों की जीवंतता से भरपूर रहा।
इस अवसर पर
वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं कथाकार
श्री संतोष चौबे से उनकी आत्मीय भेंट हुई,
वहीं वरिष्ठ कवि श्री लीलाधर मंडलोई की गरिमामयी उपस्थिति
ने इस संवाद को और भी स्मरणीय बना दिया।
भाषा, अनुवाद और साहित्यिक सरोकारों पर केंद्रित यह संवाद
भारतीय साहित्य की जीवंत, समृद्ध और संवादधर्मी परंपरा
का सशक्त उदाहरण रहा।
✨ जहाँ संवाद से संस्कृति आकार लेती है...
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विश्व पुस्तक मेला 2026 | विश्वरंग | आईसेक्ट पब्लिकेशन
टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक
श्री विनय उपाध्याय ने विश्व पुस्तक मेला 2026 के दौरान आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर पहुँचकर
संस्कृति विषयक पुस्तकों के साथ-साथ भोपाल की विरासत पर आधारित प्रकाशनों की सराहना की
और अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
इस अवसर पर
सुश्री ज्योति रघुवंशी
(प्रबंधक, आईसेक्ट पब्लिकेशन एवं राष्ट्रीय संयोजक – राष्ट्रीय वनवासी सृजन पीठ),
श्री महिप निगम
(वरिष्ठ प्रबंधक, आईसेक्ट पब्लिकेशन)
एवं
श्री संजय सिंह राठौड़
(सचिव, विश्व रंग फाउंडेशन)
की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पुस्तकें — संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली
नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में विश्वरंग आइसेक्ट पब्लिकेशंस के स्टॉल पर पधारकर पुस्तकों का अवलोकन करते हुए उत्कृष्ट प्रकाशन की मुक्त कंठ से प्रसंशा की।
इस अवसर पर विश्व रंग के सह-निदेशक, वरिष्ठ कवि श्री लीलाधर मंडलोई, विश्व रंग फाउंडेशन के सीईओ, विकास अवस्थी, आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक, श्री महीप निगम ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर विश्व रंग और आईसेक्ट पब्लिकेशन के रचनात्मक कार्यों पर सार्थक विचार विमर्श किया गया।????...
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प्रेस विज्ञप्ति विश्व पुस्तक मेले नई दिल्ली में आईसेक्ट पब्लिकेशन करेगा भागीदारी
नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा 10 से 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम (प्रगति मैदान), नई दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में विश्वरंग-आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा भी सक्रिय सहभागिता की जा रही है।
इसी के अंतर्गत श्री संतोष चौबे द्वारा विश्व पुस्तक मेले से संबंधित पोस्टर तथा आईसेक्ट पब्लिकेशन के फोल्डर का औपचारिक लोकार्पण किया गया, जो आईसेक्ट की साहित्यिक गतिविधियों एवं प्रकाशन यात्रा को दर्शाता है।
आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महीप निगम ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले में आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित कंप्यूटर विज्ञान, साहित्य, कला, संस्कृति, लोक परंपरा, स्वास्थ्य, योग, कौशल विकास, विज्ञान तथा बाल साहित्य से संबंधित 600 से अधिक पुस्तकें, मोनोग्राफ एवं पत्रिकाएँ प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रवासी भारतीय लेखकों द्वारा लिखित पुस्तकों को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जो पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
मेले के दौरान पाठकों एवं साहित्य प्रेमियों के लिए लेखक संवाद, पुस्तक विमोचन, ‘लेखक से मिलिए’ जैसे विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा 100 से अधिक नए पुस्तक शीर्षकों को प्रदर्शित भी किया जाएगा।
विश्व पुस्तक मेले में आईसेक्ट पब्लिकेशन का स्टॉल हॉल नंबर–2 में स्टॉल नंबर N-2 पर स्थित रहेगा, जहाँ साहित्यिक चर्चा एवं विचार-विमर्श के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
विश्व रंग के निदेशक एवं वरिष्ठ लेखक श्री संतोष चौबे ने इस अवसर पर कहा कि विश्व पुस्तक मेला लेखकों, पाठकों और प्रकाशकों के बीच संवाद का एक सशक्त मंच है, जहाँ विचारों का आदान-प्रदान और साहित्य की विव...
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पांच दिवसीय साहित्यिक मेला कटनी में आईसेक्ट पब्लिकेशन की सहभागिता दिनांक 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025
आईसेक्ट क्षेत्रीय कार्यालय कटनी द्वारा आईसेक्ट पब्लिकेशन की पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई इस प्रदर्शनी में आईसेक्ट पब्लिकेशन की साहित्य ,कला , विज्ञान एवं कौशल से संबंधित सभी पुस्तकों का प्रदर्शनी लगाई गई...
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प्रेस विज्ञप्ति विश्वरंग में आईसेक्ट पब्लिकेशन की पुस्तक प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
भोपाल। विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी ने इस वर्ष पाठकों और पुस्तक प्रेमियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। 27 से 30 नवंबर 2025 तक चली इस प्रदर्शनी में देशभर के लगभग 25 प्रमुख प्रकाशकों ने सहभागिता की। प्रदर्शनी में साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, बाल एवं युवा साहित्य, कला, और देश-दुनिया की विविध विधाओं से जुड़ी नई एवं चर्चित पुस्तकों का व्यापक प्रदर्शन किया गया।
विश्वरंग में आए हजारों दर्शकों—विशेषकर भोपाल के युवाओं और बच्चों—ने प्रदर्शनी में उपलब्ध पुस्तकों का अवलोकन किया, उन्हें खरीदा और प्रकाशकों के साथ बातचीत की। ज्ञान और साहित्य आधारित यह पहल युवाओं में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ विश्वरंग के निदेशक और रबिन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे तथा साहित्य अकादमी म.प्र. के निदेशक डॉ. विकास दवे द्वारा किया गया। दोनों अतिथियों ने पुस्तकों के प्रति बढ़ती रुचि को सकारात्मक सांस्कृतिक परिवर्तन बताया।
प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से आईसेक्ट पब्लिकेशन, नेशनल बुक ट्रस्ट, साहित्य अकादमी, राजकमल, वाणी, भारतीय ज्ञानपीठपीठ, राजपाल एंड संस सहित अनेक प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध रहीं, जिन्हें पाठकों ने विशेष सराहना दी।
विश्वरंग निदेशक श्री संतोष चौबे ने कहा कि युवा पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना हमारा प्रमुख उद्देश्य है, और विश्वरंग की यह प्रदर्शनी उसी दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। साहित्य समाज की समझ और संवेदनशीलता को बढ़ाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
डॉ. विकास दवे ने कहा कि विश्वरंग की पुस्तक प्रदर्शनी न सिर्फ पुस्तकों का मेला है, बल्कि यह भारतीय ज्ञान–परंपरा और हमारे साहित्...
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AISECT Publication के स्टॉल पर पाठकों का उत्साह देखने लायक रहा!
किताबों के प्रति लोगों का प्रेम, चर्चा-संवाद और नई किताबें चुनते हुए पाठकों की मुस्कान—सबने महोत्सव को और खास बना दिया।
हमारी विविध श्रेणी की पुस्तकों ने हर आयु और हर रुचि के पाठकों को आकर्षित किया—
✔️ साहित्य
✔️ कहानी–संग्रह
✔️ शोध व अकादमिक पुस्तकें
✔️ प्रेरक व ज्ञानवर्धक शीर्षक
Vishwarang 2025 का हिस्सा बनकर हमें गर्व है।
???? AISECT Publication – Vishwarang Book Stall...
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AISECT Publication के स्टॉल पर पाठकों का उत्साह देखने लायक रहा!
किताबों के प्रति लोगों का प्रेम, चर्चा-संवाद और नई किताबें चुनते हुए पाठकों की मुस्कान—सबने महोत्सव को और खास बना दिया।
हमारी विविध श्रेणी की पुस्तकों ने हर आयु और हर रुचि के पाठकों को आकर्षित किया—
✔️ साहित्य
✔️ कहानी–संग्रह
✔️ शोध व अकादमिक पुस्तकें
✔️ प्रेरक व ज्ञानवर्धक शीर्षक
Vishwarang 2025 का हिस्सा बनकर हमें गर्व है।
???? AISECT Publication – Vishwarang Book Stall...
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विश्वरंग 2025 भोपाल के रवीन्द्र भवन में "अभिनय, कहानी और अभिनेत्री"
विश्वरंग 2025 भोपाल के रवीन्द्र भवन में "अभिनय, कहानी और अभिनेत्री" सत्र में सान्या मल्होत्रा ने अभिनय की सूक्ष्म कला से कहानी को जीवंत कर दिया! उनकी संवेदनशील प्रस्तुति ने दर्शकों को गहरी प्रेरणा दी। ...
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संस्कृति का उत्सव तभी अर्थपूर्ण बनता है,
संस्कृति का उत्सव तभी अर्थपूर्ण बनता है, जब नेतृत्व का सान्निध्य मिले।
मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की गरिमामयी उपस्थिति #Vishwarang2025 में...
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विश्व रंग भोपाल 2025 के उद्घाटन सत्र में रवीन्द्र भवन परिसर
में माननीय श्री मंगुभाई पटेल, महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश, माननीय श्री पृथ्वीराज सिंह रुपन, पूर्व राष्ट्रपति, मॉरीशस गणराज्य, एवं डॉ. संतोष चौबे, कुलाधिपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं निदेशक, विश्वरंग, की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उद्घाटन सत्र में ममता कालिया (हिन्दी), हरीश मीनाश्रु (गुजराती), चन्द्रभान खयाल (उर्दू), एच.एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) एवं परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) को विश्वरंग सम्मान मानद अलंकरण में स्वप्रेम भेंट दी गई। यह समारोह भाषा और साहित्य की विविधता का जीवंत उत्सव रहा, जिसने उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।...
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✨ AISECT Publication – शिक्षा, नवाचार और प्रगति का विश्वसनीय नाम
52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025
Science Regional College, Bhopal...
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नपुर में आयोजित पुस्तक मेला
कानपुर में आयोजित पुस्तक मेला आईसेक्ट पब्लिकेशन की सहभागिता ...
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नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा गोरखपुर में आयोजित पुस्तक महोत्सव
नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा गोरखपुर में आयोजित पुस्तक महोत्सव में आईसेक्ट आइसेक्ट पब्लिकेशन का स्टॉल...
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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय भोपाल में आयोजित बाल विज्ञान मेला में आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राएं
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय भोपाल में आयोजित बाल विज्ञान मेला में आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राएं...
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रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय भोपाल में आयोजित बाल विज्ञान मेला
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय भोपाल में आयोजित बाल विज्ञान मेला में आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राएं...
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गोरखपुर महोत्सव – पुस्तकों का महाकुंभ! ????
आईसेक्ट पब्लिकेशन आप सभी का हार्दिक स्वागत करता है ????
???? दिनांक: 01 से 09 नवंबर 2025
⏰ समय: प्रातः 11:00 से रात्रि 08:30 बजे तक
???? स्थान: पं. दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ग्राउंड, गोरखपुर (उ.प्र.)
✨ नई और प्रेरणादायक पुस्तकों के संग आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर अवश्य पधारें!
???? आपकी पसंदीदा किताबें अब एक ही स्थान पर!...
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सांस्कृतिक पत्रिका 'रंग संवाद' को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स का राष्ट्रीय पुरस्का
भोपाल। कला अनुशासनों की बहुरंगी सांस्कृतिक पत्रिका 'रंग सवाद' को एक बार पुनः राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र आरएनटीयू की इस प्रतिष्ठित पत्रिका को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स दिल्ली ने श्रेष्ठ संपादन और प्रकाशन की श्रेणी में पुरस्कार के लिए चुना है। आईसेक्ट समूह के अध्यक्ष, साहित्यकार-संस्कृतिकर्मी संतोष चौबे ने एक गरिमामय समारोह में रंग संवाद' के संपादक- कला समीक्षक विनय उपाध्याय को सम्मान पत्र तथा प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी तथा आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक महीप निगम सहित गणमान्य जन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि लगभग डेढ दशक की सांस्कृतिक यात्रा में 'रंग संवाद' के अनेक दस्तावेजी विशेषांक प्रकाशित हुए हैं । भारत सहित विश्व के बीस से भी अधिक देशों मे इस पत्रिका का प्रसार है। विषय वस्तु, आकल्पन, प्रस्तुति और प्रकाशन के अनूठे प्रयोग के लिए 'रंग संवाद' पूर्व में भी पुरस्कृत हो चुकी है।
- टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र द्वारा जारी...
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लिटरेसी मिशन का शुभारंभ!
उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी सामाजिक उद्यम संस्था आईसेक्ट द्वारा बुधवार को एसजीएसयू कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लिटरेसी मिशन का शुभारंभ किया गया।
इस महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत संतोष शुक्ला द्वारा लिखित एवं आईसेक्ट पब्लिकेशन से प्रकाशित पुस्तक
“कृत्रिम बुद्धिमत्ता – कृत्रिम नहीं, असली क्रांति” के विमोचन के साथ की गई। साथ ही मिशन के पोस्टर का भी अनावरण हुआ।
???? कार्यक्रम में मुख्य अतिथिगण:
श्री संतोष चौबे (चेयरमैन, आईसेक्ट)
डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी (चांसलर, एसजीएसयू)
डॉ. विजय सिंह (कुलगुरू)
डॉ. सितेश कुमार सिन्हा (कुलसचिव)
सायबर एक्सपर्ट रघु पांडे
लेखक संतोष शुक्ला
✨ मंच संचालन:
आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महिप निगम ने किया।
???? आईसेक्ट पब्लिकेशन को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स द्वारा दो प्रतिष्ठित अवार्ड प्राप्त हुए मंच से की इसकी घोषणा महिप निगम आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक द्वारा की गई
1️⃣ कला एवं संस्कृति पर आधारित प्रतिष्ठित पत्रिका “रँगसंवाद”
2️⃣ मोनोग्राफ “नैन सुख”
???? स्वागत एवं आभार
सुश्री ज्योति रघुवंशी जी (प्रबंधक, आईसेक्ट पब्लिकेशन एवं वनमालीसृजनपीठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष) द्वारा मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया...
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आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा ‘गोमती पुस्तक महोत्सव’ में पुस्तक प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन और सत्रों का आयोजन
नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित ‘गोमती पुस्तक महोत्सव’ में आईसेक्ट पब्लिकेशन ने सक्रिय रूप से भागीदारी करते हुए बुक स्टॉल के माध्यम से पुस्तकों की बड़ी श्रृंखला को प्रदर्शित किया।
इस पुस्तक मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशनों के साथ आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा शिक्षा, तकनीकी और कौशल विकास से जुड़ी पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर आईसेक्ट समूह के संस्थापक और रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने मेले का भ्रमण किया और अपनी लोकप्रिय पुस्तक ‘कंप्यूटर: एक परिचय’ के 43वें संस्करण का लोकार्पण किया।
इस विशेष अवसर पर आईसेक्ट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री अरविंद चतुर्वेदी एवं प्रबंधक श्री महीप निगम और आईसेक्ट लखनऊ कार्यालय प्रमुख श्री लियाकत अली भी उपस्थित रहे।
पुस्तक विमोचन के बाद श्री संतोष चौबे ने नेशनल बुक ट्रस्ट मंच (NBT Stage) पर आयोजित विशेष सत्र में भाग लेते हुए ‘एआई – कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में शिक्षा, शोध और नवाचार का आधार बनेगी तथा विद्यार्थियों को इसके अध्ययन और उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुस्तक प्रेमियों ने श्री चौबे की पुस्तकों और विचारों की सराहना की तथा आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में गहरी रुचि दिखाई।...
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गोमती पुस्तक महोत्सव
गोमती पुस्तक महोत्सव में आदरणीय चौबे सर की लोकप्रिय पुस्तक कंप्यूटर एक परिचय के 43 संस्करण का विमोचन किया गया ।...
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गोंमती पुस्तक महोत्सव में आपका हार्दिक स्वागत है! ???? दिनांक: 20 से 28 सितम्बर 2025
विश्वविद्यालय
✨ AISECT पब्लिकेशन की ओर से आमंत्रण ✨
ज्ञान, साहित्य और रचनात्मकता के इस भव्य उत्सव में आपका स्वागत है, जहाँ AISECT Publication प्रस्तुत कर रहा है पुस्तकों की एक समृद्ध और विविध दुनिया:
???? हिंदी साहित्य
???? विज्ञान और तकनीक
???? कौशल विकास से जुड़ी पुस्तकें
???? स्व-प्रकाशन के अनूठे अवसर
???? कंप्यूटर ज्ञान और पेंटिंग मोनोग्राफ्स
???? 'विश्वरंग' से संबंधित रचनाएँ
...और भी बहुत कुछ!
???? AISECT पब्लिकेशन के स्टॉल पर अवश्य पधारें
अपनी पसंदीदा किताबें चुनें, नए लेखकों से मिलें, और साहित्यिक चर्चा का आनंद लें!...
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गोमती पुस्तक महोत्सव लखनऊ
में *कृत्रिम बौद्धिकता - नई सदी की रचनात्मकता* विषय पर रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, वरिष्ठ लेखक, विश्वरंग के निदेशक आदरणीय संतोष चौबे सर के साथ एक सत्र...
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उर्दू के सभी रंगों को सहेजा है भोपाल की शायरी ने– संतोष चौबे* *भोपाल उर्दू अदब का एक मरकज़– जानकी प्रसाद शर्मा* *भोपाल के दस शायरों की ये किताबें उर्दू शायरी का पुनर्जागरण है –लीलाधर मंडलोई*
*भोपाल के 10 शायरों की किताबें हुई लोकार्पित*
भोपाल। उर्दू और हिंदी दोनों बहनें हैं। दोनों का विकास साथ साथ हुआ है। उर्दू के सारे रंगों को सहेजने का काम हमने भोपाल के दस शायरों की इन दस किताबों में किया है। प्रेम, मोहब्बत, तरक्की पसंद, व्यंग्य सभी रंगों को उर्दू ग़ज़लों के जरिये किताबों के रूप दस्तावेजीकरण किया गया है। हमने विश्व रंग में हिंदी उर्दू सहित सभी भारतीय भाषाओं एवं स्थानीय बोलियों के संरक्षण और संवर्धन के विमर्श और रचनात्मक कार्य को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया है। देश की सभी भाषाओं में लिखे गए साहित्य का सम्मान करना और उसको सहेजना हमारी ज़िम्मेदारी है। उर्दू भी एक ऐसी ही भाषा है जिसमें बहुत महत्वपूर्ण साहित्य की रचना की गई है। खास तौर से उर्दू शायरी एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को इस भाषा के साथ जोड़ा जा सकता है। उक्त उद्गार कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में "भोपाल के दस शायरों की दस किताबों के लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं विश्व रंग के निदेशक श्री संतोष चौबे व्यक्त किए।
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ हिंदी उर्दू साहित्यकार श्री जानकी प्रसाद शर्मा ने कहा कि भोपाल उर्दू अदब का एक मरकज़ या केंद्र रहा है, जिसकी झलक आज भी यहाँ देखने को मिलती है। भोपाल की शायरी को पूरे देश में अहमियत के साथ सुना और पढ़ा जाता है।भोपाल के जिन 10 शायरों की किताबों का आज विमोचन किया गया है उर्दू शायरी में उनका एक महत्वपूर्ण स्थान है। मैं इस कार्य के लिए आईसेक्ट पब्लिकेशन और श्री संतोष चौबे जी को मुबारकबाद देता हूँ।
उल्लेखनीय है कि आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा भोपाल के 10 वरिष्ठ...
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AISECT पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक "स्टारडस्ट ऑफ एमोशन्स" का विमोचन अरेरा क्लब, भोपाल में हुआ
इस पुस्तक की लेखिका सुश्री दिव्या यादव जी हैं!
कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध कवि कथाकार विश्व रंग के निर्देशक बनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष चौबे जी ने मां सरस्वती को माल्यार्पण कर की!
उसके उपरांत कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों का पुष्प गोच देकर स्वागत किया गया!
इसके बाद पुस्तक का विमोचन आदर्णीय संतोष चौबे जी द्वारा किया गया और सर ने पुस्तक से प्रमुख कविताओं का पाठ भी किया!...
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वनमाली जी’ की 113 वीं जयंती पर* *वनमाली सृजन केन्द्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ भव्य आयोजन* *साहित्य, कला, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित सैकड़ों वनमाली सृजन केंद्रों ने की रचनात्मक भागीदारी
सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113 वीं जयंती के अवसर पर वनमाली सृजन केन्द्रों के ‘पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन’ का शुभारंभ 1अगस्त 2025 (शुक्रवार) को स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल में पूर्ण भव्यता से किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में सुदूर अँचलों, गाँव-कस्बों में कला, साहित्य, संस्कृति, सामाजिक सरोकारों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि में स्थापित वनमाली सृजन केंद्रों के अध्यक्षों, संयोजकों एवं रचनाकार सदस्यों द्वारा रचनात्मक भागीदारी की गई।
उल्लेखनीय है कि सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे ’वनमाली जी’ के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित वनमाली सृजन पीठ एक साहित्यिक, सांस्कृतिक तथा रचनाधर्मी अनुष्ठान है, जो विगत पैंतीस वर्षों से परंपरा तथा आधुनिक आग्रहों के बीच संवाद तैयार करने के लिए सतत सक्रिय है। इन वर्षों में वनमाली सृजन पीठ ने अविस्मरणीय सृजन यात्रा तय की है। यह यात्रा अनवरत जारी है।
सुप्रसिद्ध कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक, वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष चौबे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमारे घर में वनमाली जी का पुस्तकालय मेरे लिए जादुई पुस्तकालय था। उन्होंने अपने पुस्तकालय में स्थानिकता से लेकर वैश्विक साहित्य को बड़ी संजिदगी से सहेज कर रखा था। वह मुझे अनमोल धरोहर के रूप में मिला। उसी पुस्तकालय से मैं समृद्ध हो पाया। उन्हीं की शिक्षा और सरोकारों के प्रतिफल स्वरूप खंडवा जैसी छोटी जगह से प्रारंभ वनमाली सृजन पीठ और केंद्रों की यात्रा ने विश्व रंग के रूप में समूचे विश्व के 65 से अधिक देशों में अपना परचम लहराया है।...
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सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113वीं जयंती के अवसर
सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113वीं जयंती के अवसर पर आयोजित वनमाली सृजन केन्द्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में वनमाली की कहानियों से गुजरते हुए' पुस्तक होगी लोकार्पण हुआ इस अवसर पर डॉ. लता अग्रवाल 'तुलजा' द्वारा रचित पुस्तक 'वनमाली की कहानियों से गुजरते हुए' का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया जाएगा।...
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राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113वीं जयंती के अवसर पर आयोजित वनमाली सृजन केन्द्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का दीप प्रज्वलन कर भव्य शुभारंभ हुआ...
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बरसाती नदियाँ' और 'सबको पीछे छोड़ चुका है आदमी' काव्य संग्रह हुए लोकार्पित
आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में युवा कवि संजय सिंह राठौर के कविता संग्रह 'बरसाती नदियाँ' और युवा रंगकर्मी विक्रांत भट्ट के कविता संग्रह 'सबको पीछे छोड़ चुका है आदमी' का लोकार्पण 15 जुलाई को टैगोर विश्वविद्यालय के कथा सभागार में समारोह पूर्वक किया गया। उल्लेखनीय है कि लोकार्पित दोनों पुस्तकें साहित्य अकादमी, संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन भोपाल द्वारा प्रकाशनार्थ श्रेष्ठ पाण्डुलिपियों में स्वीकृत हुई है। साहित्य अकादमी द्वारा दोनों पुस्तकों के प्रकाशन हेतु पुरस्कार स्वरूप अनुदान भी प्रदान किया गया है। आकर्षक कलेवर के साथ दोनों संग्रहों का प्रकाशन आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा किया गया है। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर और माता सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
लोकार्पण अवसर पर वरिष्ठ कवि– कथाकार, निदेशक विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने अध्यक्षीय दायित्व के साथ कार्यक्रम के संचालन का दायित्व भी बड़ी संजीदगी के साथ अपने हाथों लेकर एक नई मिसाल कायम की। इस अवसर पर आपने कहा कि यह दोनों कवि हमारे हरेक कार्यक्रमों और समारोहों में अपनी भूमिका का निर्वहन करते आ रहे हैं, आज इनका दिन है, इसलिए संचालन मैं करूँगा। उनके इतना कहते ही कथा सभागार तालियों से गूँज उठा।
श्री संतोष चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि संजय की कविताओं में मजदूर वर्ग की चिंता, उनके संघर्ष, परिवार, माता-पिता, पास पड़ोस, अपने परिवेश के प्रति प्रेम गहरे से परिलक्षित होता है, वही बाजारवाद के विरुद्ध चिंताएँ भी उनकी कविताओं में गहराई से आती है। विक्रांत रंगमंच क...
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आइसेक्ट प्रकाशन द्वारा प्रकाशित तीन नवीन पुस्तकों का लोकार्पण
चलो उजाले की और”, “गीत गाती धरा" “लघुकथा कुछ कहती है” हुई लोकार्पित
साहित्य और संस्कृति को समर्पित एक गरिमामय आयोजन में आईसेक्ट प्रकाशन द्वारा प्रकाशित तीन नवीन पुस्तकों का लोकार्पण एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बाल-कविता संग्रह “चलो उजाले की और”(लेखिका डॉ. वंदना मिश्रा), गीत- संग्रह “गीत गाती धरा" (लेखिका डॉ. प्रतिभा द्विवेदी) और समीक्षा पुस्तक “लघुकथा कुछ कहती है” (लेखक मुज़फ़्फ़र इक़बाल सिद्दीक़ी) का लोकार्पण किया गया।
यह कार्यक्रम 'बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल' के निदेशक श्री महेश सक्सेना की अध्यक्षता और साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन के निदेशक डॉ. विकास दवे के मुख्य आतिथ्य तथा वरिष्ठ कवि श्री बलराम गुमास्ता के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया।
लोकार्पित किताबों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि डॉ. प्रतिभा द्विवेदी शिक्षिका है ऐसे में उनके गीतों में उस तरह का शिल्प दिखाई देता है वही डॉ. वन्दना मिश्र की बाल कवितायें छ: खंडों में विभाजित है, इसकी जगह ये छे पुस्तकें हो सकती थी। आपने आगे कहा कि सिद्दकी जी की समीक्षा की यह पुस्तक लघुकथाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण किताब है।
इस आयोजन की अध्यक्षता कर रहे श्री महेश सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों के लिए कविताएँ, गीत या कहानी लिखना सबसे कठिन काम है। ऐसे में साहित्यकार के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि वे ऐसे शब्दों का चयन करें जो बच्चों को समझ में भी आए और उनके लिए शिक्षाप्रद भी हो। उन्होंने तीनों रचनाकारों की पुस्तकों को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी लेखकों को बधाइयाँ दी।
कार्यक्रम का आयोजन आइसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजनपीठ एवं स्कोप ग्ल...
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पुस्तक लोकार्पण एवं साहित्यिक चर्चा समारोह ???? स्थान: दुष्यन्त संग्रहालय आयोजन: आईसेक्ट पब्लिकेशन
साहित्य के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय आयोजन के अंतर्गत आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण एवं परिचर्चा दुष्यन्त संग्रहालय में सम्पन्न हुआ।
लोकार्पित पुस्तकें:
"मोटे पतरे सब बिकाऊ हैं" – प्रसिद्ध व्यंग्यकार श्री कौशल किशोर का व्यंग्य संग्रह
लेखिका श्रीमती निरुपमा खरे द्वारा लिखित पुस्तक "मन बंजारा"
श्री पुरुषोत्तम तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक "नीरव निनाद"
इस अवसर पर सभी लेखकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।...
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व्यथा–कथा डूब की" पुस्तक हुई लोकार्पित* *आँसुओं की स्याही से लिखी गई है व्यथा–कथा डूब की– मनोज श्रीवास्तव
व्यथा–कथा डूब की' आँसुओं की स्याही से लिखी गई पुस्तक है। यह पुस्तक हरसूद कस्बे के साथ उन 254 गाँवों की डूब रही धरती के नाम करुणा से ओतप्रोत एक प्रेम पत्र भी है। यह पुस्तक हमें सीधे डूब प्रभावित लोगों से मिलवाती है। यह पुस्तक सिर्फ विस्थापितों का दर्द ही बयां नहीं करती, बल्कि विनाश की शर्त पर बनाए गए बड़े बाँधों के निर्माण को दृढ़तापूर्वक अस्वीकार भी करती है। इस संग्रह के लेखक अपने लेखकीय दायित्व को पूरी ईमानदारी के साथ रेखांकित करते हैं।'
उक्त विचार अक्षरा के प्रधान संपादक एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने वरिष्ठ ललित निबंधकार डॉ. श्रीराम परिहार द्वारा रचित पुस्तक "व्यथा–कथा डूब की" के 'लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
पुस्तक लोकार्पण समारोह एवं चर्चा का आयोजन आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल में किया गया। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया गया।
डॉ. श्रीराम परिहार ने डूब की दर्द भरी दास्तान सुनाते हुए कहा कि नर्मदा बाँध निर्माण में डूबे कस्बे हरसूद पर बहुत कुछ लिखा गया, लेकिन उसके साथ डूबे 254 गाँवों पर किसी ने कुछ नहीं लिखा। इन गाँवों ने भी अपना सबकुछ खोया हैं। ये 254 गाँव हमेशा–हमेशा के लिए डूबो दिये गए। इनमें मेरा गाँव पिपरिया भी डूबा है। इस पुस्तक में इन्हीं गाँवों के अथाह दुःख को बहुत भारी मन से लिखा गया है।
डॉ. श्रीराम परिहार ने आगे कहा कि डूब की त्रासदी पर कई कविताएँ, कहानियाँ और उपन्यास लिखे गए, लेकिन यह संभवतः पहला शोधपरक निबंध संग्र...
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विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में 'कंप्यूटर एक परिचय' पुस्तक का हुआ विमोचन
नई दिल्ली। देश में सूचना तकनीक की शिक्षा को नया आयाम देने वाली प्रतिष्ठित पुस्तक 'कंप्यूटर एक परिचय' का औपचारिक विमोचन विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में देश के ख्याति प्राप्त विद्वानों की उपस्थिति रही जिनमें वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष मोहन गोरे , मशहूर विज्ञान ब्लॉगर बालेन्दु दाधीच और कैपेक्सिल के प्रेसिडेंट डॉ. रमेश के. मित्तल शामिल रहे। इसके साथ ही आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महिप निगम, आईसेक्ट रजिस्ट्रार पुष्पा असिवल, आईसेक्ट निदेशक अरविन्द चतुर्वेदी, निदेशक एडुवांटेज अभिषेक पंडित, अंतर्राष्टीय हिंदी केंद्र के निदेशक जवाहर कर्णावत, टैगोर कला केंद्र के निदेशक विनय उपाध्याय भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
'कंप्यूटर एक परिचय' पुस्तक ने पिछले कई दशकों में भारत में कंप्यूटर शिक्षा के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई है। यह नेशनल बेस्टसेलर पुस्तक अपनी 40वीं संस्करण के साथ पाठकों के लिए और भी अद्यतन जानकारी लेकर आई है।
इस विमोचन कार्यक्रम में पुस्तक प्रेमियों, शिक्षाविदों और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। यह पुस्तक तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।...
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विश्व पुस्तक मेला 2025 में आपका स्वागत है!
आईसेक्ट पब्लिकेशन और विश्वरंग प्रस्तुत कर रहे हैं ऑडियो बुक्स सीरीज, जिसका लोकार्पण प्रशांत सोनी, विनय उपाध्याय, महीप निगम, अशोक मिश्रा, लीलाधर मंडलोई और जवाहर कर्नावट जी के द्वारा किया गया ।
महान साहित्यकारों की कृतियों को अब सुनिए विश्व रंग ऐप पर...
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Proud Moment for AISECT Publications! The historic 40th edition of 'कम्प्यूटर एक परिचय'
was grandly launched with the esteemed presence of Honorable Governor of Madhya Pradesh Shri Mangubhai Patel. Authored by our visionary Chairman, Shri Santosh Choubey, this pioneering book has paved the way for technical education in Hindi and Indian languages. The grand ceremony witnessed distinguished personalities including Dr. Bharat Sharan Singh, Chairman, of MP Private University Regulatory Commission; Dr. Siddharth Chaturvedi, Chancellor, of SCOPE Global Skills University; Dr. Shiv Kumar Awasthi, Former Director, of MP Hindi Granth Academy; and Dr. Aditi Chaturvedi Vats, Pro-Chancellor, Rabindranath Tagore University. AISECT's relentless efforts were celebrated by hundreds of technical experts, scholars, and students. ???? ...
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हिंदी भवन में आइसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक खुशियों वाली नदी (लेखक श्री गोवर्धन यादव छिंदवाड़ा) का विमोचन सम्पन्न हुआ।
हिंदी भवन में आइसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक खुशियों वाली नदी (लेखक श्री गोवर्धन यादव छिंदवाड़ा) का विमोचन सम्पन्न हुआ।
लोकार्पण समारोह में पूर्व सांसद श्री रघुनंदन शर्मा, श्री मनोज श्रीवास्तव प्रधान संपादक अक्षरा, श्री राजेश श्रीवास्तव , मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण, श्री सुरेन्द्रबिहारी गोस्वामी एवं आइसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महीप निगम उपस्थित रहे। ...
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श्री धीरज गौर द्वारा लिखित पुस्तक ' पथ ' (नर्मदा परिक्रमा के संस्मरण) का विमोचन श्रद्धेय श्री रावतपुरा सरकार के द्वारा बुद्ध पूर्णिमा के दिन श्री रावतपुरा सरकार देवस्थानम् में किया गया।
आइसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एवं श्री धीरज गौर द्वारा लिखित पुस्तक ' पथ ' (नर्मदा परिक्रमा के संस्मरण) का विमोचन श्रद्धेय श्री रावतपुरा सरकार के द्वारा बुद्ध पूर्णिमा के दिन श्री रावतपुरा सरकार देवस्थानम् में किया गया। ...
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श्री श्याम मुंशी की पुस्तक
आईसेक्ट पब्लिकेशन ने भोपाल के रवींद्र भवन में स्व. श्री श्याम मुंशी की पुस्तक सिर्फ नक्शे कदम रह गए का लोकार्पण किया। इस आयोजन में प्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री हरिहरन, सिने पटकथा लेखक
श्री रुमी जाफरी, संचालक संस्कृति म.प्र. शासन श्री अदिति त्रिपाठी, आईसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महीप निगम और नृत्य गुरु सुश्री लता मुंशी उपस्थित थे। ...
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राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका ''हिन्दी बुनियाद
राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका ''हिन्दी बुनियाद" में श्री राजेन्द्र शर्मा जी के काव्य संग्रह "ऋण अभी शेष है" एवं साथ ही श्री रामा तक्षक जी के काव्य संग्रह "माँ जब कुछ कहती मैं चुप रह सुनता" की समीक्षा छपी है। ...
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दिनांक 20 मई 2023 को रविन्द्र भवन भोपाल में आइसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक सिर्फ नक्शे कदम रह गए (लेखक स्व. श्री श्याम मुंशी) का लोकार्पण
दिनांक 20 मई 2023 को रविन्द्र भवन भोपाल में आइसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक सिर्फ नक्शे कदम रह गए (लेखक स्व. श्री श्याम मुंशी) का लोकार्पण प्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री हरिहरन, सिने पटकथा लेखक श्री रुमी जाफरी एवं संचालक संस्कृति म.प्र. शासन श्री अदिति त्रिपाठी तथा आइसेक्ट पब्लिकेशन के वरिष्ठ प्रबंधक श्री महीप निगम एवं नृत्य गुरु सुश्री लता मुंशी की उपस्थिति में हुआ।...
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नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा नईदिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में आइसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल का शुभारंभ आईसेक्ट के निदेशक श्री अरविंद चतुर्वेदी द्वारा किया गया।
नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा नईदिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में आइसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल का शुभारंभ आईसेक्ट के निदेशक श्री अरविंद चतुर्वेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईसेक्ट पब्लिकेशन के लेखकगण सर्वश्री अरविंद मिश्र, डॉ मुकुल चतुर्वेदी, सुश्री संगीता चतुर्वेदी के साथ दिल्ली से ही श्री रणधीर सिंह, श्री शेखर पवार, श्री आलोक शर्मा (पत्रकार, समाचार प्रभात) अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ...
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वनमाली सृजनपीठ और आईसैक्ट पब्लिकेशन के संयुक्त तत्वावधान में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अनूठी पुस्तक विमोचन गोष्ठी
वनमाली सृजनपीठ और आईसैक्ट पब्लिकेशन के संयुक्त तत्वावधान में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अनूठी पुस्तक विमोचन गोष्ठी
दिनाँक पच्चीस अगस्त को दुष्यंत संग्रहालय में एक अनूठा लोकार्पण कार्य्रकम हुआ | ...
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भोपाल के कहानी कारों पर केन्द्रित कथा भोपाल की लेखकीय प्रति का वितरण शुरू
भोपाल के कहानी कारों पर केन्द्रित कथा भोपाल की लेखकीय प्रति का वितरण शुरू किया गया। आज कुछ रचनाकार वनमाली सृजनपीठ पधारें और कथा भोपाल के साथ ही वनमाली पत्रिका की सदस्यता ग्रहण की। सभी का बहुत बहुत धन्यवाद | ...
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विश्व रंग के अंतर्गत आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल द्वारा देश के चर्चित व्यंग्यकार 'श्री शान्तिलाल जैन' के नये व्यंग्य संग्रह
विश्व रंग के अंतर्गत आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल द्वारा देश के चर्चित व्यंग्यकार 'श्री शान्तिलाल जैन' के नये व्यंग्य संग्रह "वे रचनाकुमारी को नहीं जानते" का आकर्षक कलेवर के साथ प्रकाशन किया गया है। आदरणीय श्री शान्तिलाल जैन जी को हार्दिक बधाई। ...
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