आईसेक्ट पब्लिकेशन और वनमाली सृजन पीठ का प्रतिष्ठा आयोजन मनोरमा श्रीवास्तव की 6 पुस्तकें हुई लोकार्पित
भाषा और कथ्य की दृष्टि से महिला लेखिकाएँ लीड ले रही हैं–संतोष चौबे
वरिष्ठ लेखिका मनोरमा श्रीवास्तव के 6 उपन्यास– 'कजरारे', 'यह दुनिया अगर मिल भी जाए', 'सौ बार जन्म लेंगे', 'तेरी खुशबू में बसे खत', 'सागर मिले कौन से जल में', 'तुम भी सपने बुनो ना' का लोकार्पण समारोह पूर्वक आईसेक्ट पब्लिकेशन और वनमाली सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उल्लेखनीय है कि लोकार्पित सभी 6 पुस्तकों का आकर्षण कलेवर के साथ उत्कृष्ट प्रकाशन आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा किया गया।
लोकार्पण समारोह श्री संतोष चौबे, कुलाधिपति रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं निदेशक विश्व रंग की अध्यक्षता और श्री मुकेश वर्मा, वरिष्ठ कथाकार एवं अध्यक्ष वनमली सृजन पीठ, भोपाल के मुख्य आतिथ्य में दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल के राज सदन में आयोजित किया गया।
श्री संतोष चौबे ने इस अवसर पर कहा कि अच्छे उपन्यास की खाशियत यह होती है कि वह प्रश्नों के जवाबों को गहराई से तलाशता है। मनोरमा जी अपने उपन्यासों में प्रेम के विभिन्न पक्षों की गहराई से तलाश करती हैं। उनके सभी उपन्यास प्रेम की व्यक्तिगत और सामाजिक अभिव्यक्ति है। सभी उपन्यासों का अंत सुखांत है।
श्री संतोष चौबे ने वर्तमान समय में महिला लेखिकाओं के रचनाकर्म को रेखांकित करते हुए कहा कि आज सबसे ज्यादा अभिव्यक्ति की जरूरत हाशिये के लोगों और विशेषकर महिलाओं को हैं। वर्तमान समय में महिला लेखिकाओं ने रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति शिद्दत से दर्ज कराई है। भाषा और कथ्य की दृष्टि से महिला लेखिकाएँ लीड ले रही हैं।