विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली
विश्वरंग–आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर वरिष्ठ कवि–साहित्यकार श्री संतोष चौबे ने मीडिया से संवाद करते हुए समकालीन साहित्य, भाषा और संस्कृति से जुड़े विविध सरोकारों पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर उन्होंने हिंदी के वैश्विक विस्तार, पुस्तक संस्कृति की समकालीन भूमिका तथा रचनात्मक जिम्मेदारियों पर सार्थक और विचारोत्तेजक चर्चा की। उनकी सशक्त उपस्थिति और विचारों ने मीडिया एवं जनसंचार कवरेज को विशेष अर्थवत्ता प्रदान की और स्टॉल को विचार-विमर्श के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित किया